मंगलौर। अपराधों पर लगाम लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली तीसरी आंख (सीसीटीवी) अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। लाखो रुपए कीमत से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे महीनों से खराब पड़े हुए हैं। कस्बे में निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे की वायर चोरों की भेंट चढ़ गई। सीसीटीवी कैमरे बंद होने से आए दिन कस्बे में भी चोरी की घटनाएं बढ़ गई है। जिससे पुलिस प्रशासन के लिए भी मुसीबत का सबब बन गई है।
नगर पालिका परिषद मंगलौर द्वारा कस्बे की सुरक्षा के लिए 35 लाख रुपए कीमत से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, उत्तराखंड देवभूमि का प्रवेश द्वार होने पर हाईवे पर भी नगर पालिका परिषद ने कैमरे लगाए थे जिससे शहर और यातायात की भी निगरानी की जा सके। कैमरों के लगे होने से पुलिस प्रशासन के लिए भी फायदे का सौदा साबित हुआ था शहर में होने वाली घटनाओं के खुलासे में अहम रोल सीसीटीवी कैमरों का ही होता है।
लेकिन मंगलौर कस्बे में महीनों से बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों के कारण कस्बे में कई अपराधिक घटनाएं हो रही है, वही नगर पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि डॉ शमशाद ने बताया कि कई बार सीसीटीवी कैमरों की वायर को चोरों द्वारा काट लिया गया है लेकिन जल्द ही दूसरा वैकल्पिक रास्ता ढूंढ कर इन कैमरे को सुचारू किया जाएगा।
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