ऋषिकेश। हिंदू धर्म में पवित्र माने जाने वाली गंगा नदी में दूषित पानी गिरने से रोकने के लिए करोड़ों का खर्चा किया गया है जिसके बाद अब उसमे कचरे को रोकने के लिए भी एक बड़ा कदम लिया गया है। इस काम को करने के लिए आबादी क्षेत्र से सटे गंगा के किनारों पर फेंसिंग का काम शुरू करवा दिया गया है।
गंगा नदी में कचरे के रोकथाम के लिए होने वाले इस काम का जिम्मा उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को दिया गया है।
तीर्थक्षेत्र ऋषिकेश और सटे क्षेत्रों में केंद्र सरकार ने नमामि गंगे योजना के तहत पंपिंग और ट्रीटमेंट प्लांट बनाए पर करोड़ों रुपए खर्च कर आबादी का दूषित पानी मोक्ष दिलाने वाली गंगा में गिरने से रोकने में काफी हद तक सफलता भी मिली। लेकिन गंगा में कुछ आबादी क्षेत्रों से ठोस कचरा प्रवाहित होता रहा है।
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