कैलास मान सरोवर से भारत की आध्यात्मिक सम्बन्ध अनादि काल से रहा : डॉ. जय प्रकाश गर्ग
चीन के साथ भारत के सम्बन्ध मित्रतापूर्ण थे प्राचीन काल में अगर इतिहास को खंगाला जाए। परिस्थिति तब बदल गई जब चीन ने साम्यवादी नीति को अपनाकर तिब्बत पर कब्जा कर लिया था। तिब्बत पर क़ब्ज़ा के समय तत्कालीन भारत के नेतृत्व का मौन रहना यानी भरपूर सहयोग रहा। प्रोफेसर बलराज मधोक, डॉ राममनोहर लोहिया,डॉ अंबेडकर, जय प्रकाश नारायण एवं अनेक राष्ट्रवादी नेताओ ने भारत सरकार को सचेत किया कि चीन का अगला निशाना भारत होगा मगर पंडित नेहरू ने सदा नजर अंदाज किया हिन्दी चीनी भाई पर विश्वास किया चीन की दोस्ती पर भारत की सुरक्षा खतरे में डाल दिया।
तिब्बतियों के साथ जिस निर्दयता पूर्ण तरीके से चाइना दारा जनसंहार किया गया है उसकी मिसालें इतिहास मे बहुत कम हैI 12 लाख से अधिक तिब्बती बंधु शहीद हो गए, 6 हज़ार से अधिक शिक्षा के संस्थान हज़ारों धार्मिक मठ, तिब्बती स्मारकों को नष्ट कर दिया गया।
तिब्बती संस्कृति का तहस नहस कर दिया आज 1.50 लाख तिब्बती दलाई लामा के साथ भारत के विभिन्न हिस्सों में शरणार्थियों के रूप में रह रहे हैं भारतीय परम्पराओं में तो सदा अतिथि देवो भव है।
पर अपनी मिट्टी अपना देश अपनी जन्मभूमि की बात अलग होती है आज भारत देश में रह रहे तिब्बती बंधु जरूर तरस रहे हैं अपनी भूमि के लिए पर चीन छोड़ने वाला नहीं तिब्बत में आज तिब्बती जनसंख्या से अधिक तो चीन के लोग रहते हैं चीन तिब्बती बंधुओं की साँस्कृतिक विरासत को खत्म सा कर दिया भारत में रहने वाले तिब्बतियों ने चीन के साथ अनेक समझौते करने चाहे मग़र चीन की दादागिरी के आगे पूरी दुनिया नतमस्तक हो गईI तिब्बत में लाखो सैनिक 15 से अधिक हवाई अड्डे 17 से अधिक गुप्त रेडार स्टेशन लगभग पूरा तिब्बत को चीन बना डाला I भारत की तिब्बती सीमा पर चीन ने railway परियोजना को जन्म दे दिया।
वन संपदा का दोहन कर रहा है,पर्यावरण की दृष्टि से पर्यावरण के विनाश को बचाने के लिए तिब्बत की आजादी भारत के साथ साथ नेपाल भूटान कम्बोडिया वियतनाम में रहने वाली आबादी के लिए भी जरूरी है क्योंकि इन सभी देशों के जलापूर्ति तिब्बत से निकलने वाली नदियों पर भी निर्भर हैI तिब्बती वन की बर्बाद करने से पड़ोसी देशों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है ब्रह्मपुत्र नदी पर बाँध और नदी के पानी का मार्ग बदलने की घोषणा कर दी अगर वो कामयाब हो गया तो कल सतलुज सिंधु का मार्ग बदलने में कामयाब हो जाएगा। तिब्बत की आजादी से ही हिमालय पर्वत की अनेक जटिल समस्याओं का समाधान होगा कैलास मान सरोवर मुक्ति अभियान का सबसे सशक्त मार्ग है कैलास मान सरोवर से भारत की आध्यात्मिक सम्बन्ध अनादि काल से रहा है।
कैलास मानसरोवर की मुक्ति के लिए दुनिया में हर सनातन धर्म को मानने वाले को उठानी चाहिए हमारे अराध्य देव भोले नाथ की तपस्थली है।
More Stories
स्वच्छता एवं गंदगी फैलाने पर कार्रवाई
छापेमारी में अवैध भैंस वंशीय मांस व कटान के उपकरण बरामद, 01 आरोपी धरा
रंग लगाने के बहाने युवती के साथ छेडछाड तथा मारपीट, पुलिस ने किया गिरफ्तार