केदारनाथ यात्रा मार्ग पर होमगार्ड जवान द्वारा सीपीआर देकर बचायी गयी श्रद्धालु की जान
केदारनाथ। जी हां अगर समय पर किसी हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट के मरीज को सीपीआर दिया जाये तो उसकी जान बचायी जा सकती हैं। आज भी जब किसी को अचानक कार्डियक अरेस्ट होता है तो जानकारी के अभाव में परिजन मरीज को सीपीआर नहीं देते अपितु और रोना धोना शुरू कर देते हैं और बिना सीपीआर दिये ही अस्पताल ले जाने की जद्दोजहत में लग जाते हैं। जब तक मरीज को अस्पताल ले जाया जाता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। हमारा कहने का उद्देश्य ये नहीं है कि हर मरीज की जान सीपीआर से ही बचायी जा सकती है अपितु ये है कि सीपीआर से किसी की जान बचायी जा सकती है।
पूर्वी नई दिल्ली से अपनी पत्नी के साथ श्री केदारनाथ धाम आये श्रद्धालु सुनील प्रसाद, पुत्र बालकिशन प्रसाद जब केदारनाथ धाम के दर्शन के उपरान्त से जब वापस लौट रहे थे तो मार्ग में स्थान जंगलचट्टी में सुनील प्रसाद जी को अचानक हार्ट अटैक आ गया, ऐसी परिस्थिति में उनकी पत्नी बहुत घबरा गयी तथा इधर उधर लोगों से मदद की गुहार लगाने लगी, वहीं कुछ दूरी पर ड्यूटी पर नियुक्त होमगार्ड जवान जीतपाल ने जब उनको देखा तो उन्होनें बिना समय गवाएं तथा बिना घबराये श्रद्धालु को सीपीआर देना शुरु किया, जिससे श्रद्धालु जीतपाल जी को नया जीवनदान मिल पाया, उसके उपरान्त होमगार्ड जवान द्वारा श्रद्धालु जीतपाल जी को नजदीकी अस्पताल जंगलचट्टी ले जाया गया तथा प्राथमिक उपचार के उपरान्त स्वस्थ होने पर उनके गौरीकुण्ड तक जाने के लिये कण्डी की व्यवस्था भी की गयी। उनके इस मानवतापूर्ण नेक कार्य के लिये श्रद्धालु की पत्नी व आमजनमानस द्वारा होमगार्ड जवान की सराहना की गयी तथा आभार प्रकट किया गया।
More Stories
रोड कटिंग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन; शहर अन्तर्गत समस्त कार्य अनुमतियां निरस्त
खटीमा भ्रमण के दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों व जनता की जनसमस्याएं सुनी, समाधान करने के दिए निर्देश
जीआरपी पुलिस द्वारा मध्यप्रदेश से लापता नाबालिक बालिका को मिलवाया उसके परिजनों से